दर्द के तूफां दिल में उठते हैं,
लम्हें सदियों की तरह, कटते हैं,
हम मिटाना चाहें जो कभी,
आपके नक्स कहाँ मिटते हैं।
हमेशा तन्हाईयों की मजलिस में,
हमने आपका इंतज़ार किया,
आपके खातिर कम्बखत दिल ने,
दर्द में सिमटी हुई, गहरायियो से भी प्यार किया।
यूँ अरमानो पे छायेंगे शपथ चाहत के,
सोचा ना था कभी।
यूँ हमारे चैन को, इतनी तकलीफ पहुंचाएंगे,
लम्हे आपके मोहब्बत के, की आप ही आप नज़र आयेंगे,
अंजुमन में, शेहरा में, आसमां पे,
सोचा ना था कभी।
यूँ आप हमारे इतनी छोटी सी खवाहिश को,
मुकम्मल करने के लिए,
इतना तड़पायियेगा, इतना तरसायियेगा,
सोचा ना था कभी।
हमेशा तन्हाईयों की मजलिस में,
हमने आपका इंतज़ार किया,
आपके खातिर कम्बखत दिल ने,
दर्द में सिमटी हुई, गहरायियो से भी प्यार किया।
लम्हें सदियों की तरह, कटते हैं,
हम मिटाना चाहें जो कभी,
आपके नक्स कहाँ मिटते हैं।
हमेशा तन्हाईयों की मजलिस में,
हमने आपका इंतज़ार किया,
आपके खातिर कम्बखत दिल ने,
दर्द में सिमटी हुई, गहरायियो से भी प्यार किया।
यूँ अरमानो पे छायेंगे शपथ चाहत के,
सोचा ना था कभी।
यूँ हमारे चैन को, इतनी तकलीफ पहुंचाएंगे,
लम्हे आपके मोहब्बत के, की आप ही आप नज़र आयेंगे,
अंजुमन में, शेहरा में, आसमां पे,
सोचा ना था कभी।
यूँ आप हमारे इतनी छोटी सी खवाहिश को,
मुकम्मल करने के लिए,
इतना तड़पायियेगा, इतना तरसायियेगा,
सोचा ना था कभी।
हमेशा तन्हाईयों की मजलिस में,
हमने आपका इंतज़ार किया,
आपके खातिर कम्बखत दिल ने,
दर्द में सिमटी हुई, गहरायियो से भी प्यार किया।