ये मेरा इंडिया - YMI

तुम्हारे जैसे हमने देखने वाले नहीं देखे,
जिगर में किस तरह सर्ज-ओ-गम पाले नहीं देखे।

यहाँ पे सात मजहब का हवाला सब ने देखा है,

किसी ने भी हमारे पांव के छाले नहीं देखे।

मेरी आँखों में आँसू, तुमसे क्या कहूँ हमदम, ये क्या है,

ठहर जाए तो अंगारा, बह जाए तो दरिया है।

किरण चाहे तो दुनिया के अंधेरें घेर लेती हैं,

मेरी तरह कोई जी ले तो, जीना भूल जायेगा।

कदम उठने नहीं पाते की, रास्ता काट देता है,

मेरे मालिक तू, आखिर कब तक आजमाएगा।

अगर टूटे किसी का दिल, तो सब भर आँख होती है,

ये दुनिया है ग़मों की, जिसमें कांटें पिरोती है

हम अपने ग़मों में मिलतें हैं, तो दुश्मन से भी इठलाकर,

तुम्हारा शहर देखते हैं, तो बड़ी तकलीफ होती है।

सांस छोड़ा भी कब, जब सब बुरे दिन कट गए,

जिंदगी तूने कहाँ आकर दिया धोखा मुझे।

हमें इस क़िस्त से उम्मिद क्या थी, और क्या निकला,

कहाँ जाना हुआ था तय, कहाँ रास्ता निकला।

खुदा जिसको समझते थे, वो शीशा थे ना पत्थर थे,

जिसे पत्थर समझते थे, वही अपना खुदा निकला।

जिसने इस दौर के इंसा, है किये पैदा,
वो मेरा भी खुदा हो, ये मुझे मंजूर नहीं।