इक दिन वो आएगी - रौशन केशरी

थक गयी है राह देखकर पर,
आँखों में चमक अभी बांकी है

धुप से मुरझाएं हैं पर,

फूलों में महक अभी बांकी है

है मन में विश्वास अभी तलक,

मेरी दुआ कभी तो रंग लाएगी

फूलों की महक भी मुझसे कहती है,

हाँ, इक दिन वो आएगी