चेहरा - रौशन केशरी

सुर्ख गुलाबी होंटो से, अफसाना बयाँ करती है,
मोरनी जैसी आँखों से, नजराना बयाँ करती है,
इनके बिच लकीर जो उभरे, सामयाना बयाँ करती है,
लट कुछ उलझे-सुलझे से, सारा जमाना बयाँ करती है।