इस नश्वर दुनिया में हर चीज़ का अंत होता है, और होता रहेगा, लेकिन विचार, आदर्श और सपने ख़त्म नहीं होते। कोई भी व्यक्ति किसी विचार के लिए अपने प्राण दे सकता है, लेकिन उसके मृत्यु के बाद वह विचार हजारो लोगो के जीवन के रूप में अवतार ले लेता है। इसी तरह सृष्टी का चक्र चलता रहता है, और एक पीढ़ी के विचार, आदर्श और सपने अगली पीढ़ी को वसीयत के में मिलता है। दुनिया में कोई भी विचार पीड़ा और बलिदान की कठोर अग्नि परीक्षा के बिना आज तक पूरा नहीं हुआ है।